हजारीबाग: इचाक प्रखंड में मठ की जमीन को लेकर विवाद, महंत ने मुख्यमंत्री से विशेष जांच की मांग की
Hazaribagh: Dispute over monastery land in Ichak block
Hazaribagh: Dispute over monastery land in Ichak block, जिले के इचाक प्रखंड में मठ की बहुमूल्य भूमि को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इचाक के पदाली स्थित लक्ष्मी नारायण मठ के वर्तमान महंत विजयानंद दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आवेदन भेजकर अंचल कार्यालय और भूमि माफियाओं की मिलीभगत से करोड़ों रुपये मूल्य की मठ की जमीन को हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। यह जानकारी महंत विजयानंद दास ने आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
प्रेस वार्ता में महंत विजयानंद दास ने बताया कि मुख्यमंत्री को भेजे गए आवेदन में उनके दावा के मुताबिक पदाली मौजा की खाता संख्या 283, प्लॉट संख्या 802 की लगभग 35 डिसमिल भूमि वर्षों से मठ के नाम पर दर्ज है।
आरोप है कि इस भूमि को एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर ऑनलाइन दर्ज कर दिया गया, जिसकी मृत्यु वर्ष 1980 में ही हो चुकी थी। महंत का कहना है कि बिना किसी सक्षम पदाधिकारी के आदेश और हस्ताक्षर के ऑनलाइन अभिलेखों में बदलाव कर जमीन का स्वरूप बदल दिया गया।
वहीं आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अंचल कार्यालय के कुछ कर्मियों, भूमि माफियाओं और दलालों की मिलीभगत से इस कथित गड़बड़ी को अंजाम दिया गया।
महंत ने कहा कि मामले की शिकायत उपायुक्त, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उपसमाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी सहित कई अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
महंत ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण जांच लंबित रखी जा रही है, जिससे मठ की संपत्ति पर अवैध कब्जे का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर विशेष जांच कराने, भूमि अभिलेखों की समीक्षा कराने तथा मठ की जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे से बचाने की मांग की है।
मामले ने क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और भूमि अभिलेखों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं आवेदन की प्रतिलिपि धार्मिक न्यास परिषद रांची, लोकायुक्त झारखंड एवं प्रमंडलीय आयुक्त को भी प्रेषित की गई है।